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राजस्थान का इतिहास – प्रमुख पुरातात्विक स्थल एवं सभ्यताएं- भाग 1

I राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएं

  1. कालीबंगा :

परिचय

  • कालीबंगा, राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित है I
  • कालीबंगा, हड़प्पा/सिन्धु घाटी सभ्यता का तीसरा सबसे प्रमुख नगर है I
  • दयाराम साहनी ने कालीबंगा को सिन्धु घाटी सभ्यता की तीसरी राजधानी कहा है I

(प्रथम राजधानी हड़प्पा व द्धितीय राजधानी मोहनजोदड़ो)

कलिबंगा में प्राप्त चुड़ियाँ
  • यह सिन्धु सभ्यता का पांचवा प्रमुख नगर था I
  • कालीबंगा का विकास सरस्वती नदी के किनारे हुआ था I वर्तमान में सरस्वती नदी लुप्त हो चुकी है तथा इसके स्थान पर घग्घर नदी बहती है I
  • ‘कालीबंगा’ का शाब्दिक अर्थ है “ काली चूड़ियाँ “

उत्खनन में प्राप्त टेराकोटा की काली चूड़ियों के आधार पर इस सभ्यता का नामकरण किआ गया है I

 उत्खनन

  • कालीबंगा की खोज सर्वप्रथम ‘अमलानंद घोष’ द्वारा 1951-52 ईस्वी में की गई थी I
  • 1961-1969 तक विभिन्न चरणों में ब्रजवासी लाल एवं बालकृष्ण थापर द्वारा इस स्थल का उत्खनन कार्य किया गया I
  • कालीबंगा के उत्खनन में दो कालों के अवशेष प्राप्त हुए हैं I

छोटे टीले से 2400 ई.पू. अर्थात पूर्व हड़प्पा काल के अवशेष मिले हैं I

बड़े टीले से हड़प्पा कालीन (2300 ई.पू.) अवशेष मिले हैं I

  •  उत्खनन में तीन टीले प्राप्त हुए हैं

 KLB-1 यह मध्य में स्थित सबसे बड़ा टीला है I

KLB-2 यह पूर्व में स्थित टीला है जिसे ‘नगर क्षेत्र’ के रूप में चिन्हित किया गया हैI

KLB-3 यह पश्चिम में स्थित सबसे छोटा टीला है जिसको ‘दुर्ग’ कहा गया है I

नगरीय सभ्यता

कालीबंगा एक नगरीय सभ्यता थी I उत्खनन में प्राप्त अवशेषों से पता चलता है की यहाँ एक सुनियोजित नगर बसा हुआ था I

सम्पूर्ण नगर में चौड़ी सड़कों ( 7.2 मीटर ) का जाल था जो पूर्व से पश्चिम तथा उत्तर से दक्षिण की ओर जाते हुए समकोण पर एक दुसरे को काटती थीं I सड़कें कच्ची ईंटों से निर्मित थीं I

सड़कों के किनारे गलियां थीं जिनकी चौड़ाई 1.8 मीटर थी I मकानों के द्वार गलियों में ही खुलते थे I

मकानों का निर्माण कच्ची व पक्की ईंटों ( ईंटों का आकार 30cmx20cmx10cm) से किया गया था I कहीं कहीं प्लास्टर के अवशेष भी मिले हैं मकानों से गंदे पानी के निकास के लिए पक्की नालियों की व्यवस्था थी जिनमें शोषक पात्र लगे थे I

कृषि एवं भोजन

  • कालीबंगा के लोग कृषि से परिचित थे I
  • यह विश्व का प्रथम पुरातात्विक स्थल है जहाँ से ‘जुते हुए खेत’ के साक्ष्य मिले हैं I
  • अवशेषों में प्राप्त सूती कपडे के टुकड़े से कपास की खेती का अनुमान लगाया गया है I
  • एक खेत में एक साथ दो फसलें बोने के प्रमाण मिले हैं I
  • प्राप्त अवशेषों से ज्ञात होता है की कालीबंगा वासी गेहूं, जौ, चना एवं सरसों की खेती करते थे I
  • मकानों से साधारण चूल्हे के अलावा तंदूर चूल्हा मिलना दर्शाता है की खाना पकाने की कला खासी विकसित थी I
कालीबंगा में स्थित जुता हुआ खेत

लिपि

  • कालीबंगा की लिपि दायीं से बायीं ओर लिखी जाती थी जिसे अभी तक पढ़ा नहीं जा सका है I

धर्म, संस्कार एवं समाज

  • कालीबंगा, हड़प्पा/ सिन्धु सभ्यता का एकमात्र स्थल है जहाँ से लिंग या मातृदेवी की उपासना का कोई भी प्रमाण नही मिला है I
  • उत्खनन से प्राप्त शव से ज्ञात होता है की मृत शरीर को दफनाया जाता था I

शवाधान की तीन विधियाँ प्रचलित थीं

  •  उत्तर की ओर सिर करके मृत्यु सम्बन्धी उपकरणों के साथ गाड़ना
  • शव की टांगें समेटकर गाड़ना
  • शव को सोने व मणि की माला से विभूषित करके गाड़ना
  • एक कुएं के समीप यज्ञ की 7 आयताकार वेदियों का मिलना दर्शाता है की यहाँ के निवासी यज्ञ अनुष्ठान की विधि से परिचित थे I
  • एक शिशु की खोपड़ी मिली है जिसमे गो छिद्र है अर्थात ‘कपाल दोहन क्रिया’ का प्रचलन था I
  • कालीबंगा के लोगों का प्रिय पालतू पशु ‘श्वान’ था I अन्य पशुओं में गाय, बैल, भैंस, बकरी, ऊँट व सूअर के होने के प्रमाण मिले हैं I

उत्खनन में प्राप्त अन्य महत्वपूर्ण वस्तुएं

  • व्याघ्र अंकित मुहर
  • बेलनाकार मुहर
  • मिट्टी व खड़िया की मुहर
  • सादा एवं रंगीन मृदभाण्ड
  • चित्रित शस्त्र
  • खड़िया निर्मित मुद्राएँ
  • पत्थर निर्मित बाट
  • टेराकोटा व धातु की चूड़ियाँ

अन्य तथ्य

  • कालीबंगा विश्व की एकमात्र सभ्यता है जहाँ से ‘भूकंप के साक्ष्य’ मिले है I
  • कालीबंगा के अंत का कारण अकाल की वजह से मरुस्थल के प्रसार को माना जाता है I
  • राजस्थान सरकार द्वारा कालीबंगा से प्राप्त अवशेषों के संरक्षण हेतु यहाँ एक संग्रहालय की स्थापना की गई है I

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